5 अंधविश्वास और उनके वैज्ञानिक सच - Bhartiyaweb

5 अंधविश्वास और उनके वैज्ञानिक सच

दोस्तों हमारे देश मे अंधविश्वास की कोई कमी नही है, लेकिन हर एक अंधविश्वास के पीछे एक वैज्ञानिक कारण होता है जो हम नही जानते, आज हम आपको 5 अंधविश्वास और उनके वैज्ञानिक सच के बारे मे बताने जा रहे हैं जिनके पीछे का वैज्ञानिक कारण कुछ और है लेकिन हम कुछ और ही समझते हैं।

5 अंधविश्वास और उनके वैज्ञानिक सच

5 अंधविश्वास और उनके वैज्ञानिक सच

1.रास्ता काटने वाली बिल्ली – दोस्तों आपने ये ज़रूर सुना होगा की अगर कोई बिल्ली आपका रास्ता काट जाए तो बहुत बड़ी दुर्घटना होती है इसी लिए हमे रुक जाना चाहिए। दर असल पहले के जमाने मे लोग बैल गाड़ी और घोड़े गाड़ी का उपयोग किया करते थे, तब रत मे जब बिल्ली उनके सामने से गुजरती थी तो उसकी चमकती आँखें देखकर जानवर दर जाते थे इसी वजह से थोड़ी देर के लिए गाड़ी रोक दी जाती थी। आज हम इस बात को अंधविश्वास की तरह माने चले जा रहे हैं।

2.दुकान मे लटके नींबू मिर्ची – दोस्तों अंधविश्वास के हिसाब से अलक्ष्मी नाम की एक देवी है जो दुकानदार और व्यापारी के घर मे बुरी किस्मत लाती है, अलक्ष्मी को नींबू मिर्ची पसंद है इसीलिए इसे दुकान मे तंग देते हैं ताकि जब वो आए तो नींबू मिर्ची खाकर वापस लौट जाए। दोस्तों सच तो ये है की नींबू मिर्ची जिस धागे पर लटकाए जाते हैं वो धागा इनके तरल को सोख लेता है और उसकी महक से कीड़े दुकान के अंदर प्रवेश नही करते हैं।

3.उत्तर दिशा मे ना सोना – दोस्तों आपको यह तो पता है की हमे उत्तर की तरफ सिर करके नही सोना चाहिए लेकिन इसका सही कारण यह है की आपके चारों तरफ चुंबकीय क्षेत्र होता है और वैसा ही क्षेत्र धरती के चारों तरफ है अगर आप उत्तर की तरफ सिर करके सोएंगे तो आपका शरीर धरती के चुंबकीय क्षेत्र से आकर्षित होने लगेगा और आपकी धमनियों मे बहने वाला खून आपके दिमाग़ की तरफ जाने लगेगा ऐसा करने से दिमाग़ की कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है।

4.दही शक्कर – दोस्तों कोई भी अच्छा काम करने जाने से पहले दही शक्कर खाया जाता है लेकिन ऐसा इसीलिए किया जाता है क्योंकि दही आपके पेट को ख्हराब होने से बचाता है और शक्कर आपको ऊर्जा देती है।

5. पीपल का पेड़ देवता है – दोस्तों किसी और पेड़ की पूजा हो ना हो पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है और इसे देवता समझा जाता है। दोस्तों आम तौर पर पेड़ ऑक्सीजन छोड़ते हैं और कार्बन डाइआक्साइड लेते हैं, और रत के समय ये प्रक्रिया उल्टी हो जाती है जब पेड़ कार्बन डाइआक्साइड छोड़ने लगते हैं और ऑक्सीजन लेने लगते हैं लेकिन पीपल के पेड़ मे ऐसा नही होता, वो रत मे भी ऑक्सीजन ही छोड़ता है। इसकी पत्तियाँ बहुत सी दवाएँ बनाने मे प्रयोग की जाती हैं और पीपल का पेड़ सबसे ज़्यादा ऑक्सीजन छोड़ता है यही वजह है की लोगों ने उसे देवता मान लिया और उसकी पूजा करने लगे।

दोस्तों आशा है आपको ये 5 अंधविश्वास और उनके वैज्ञानिक सच के बारे मे पढ़कर अच्छा लगा होगा, कॉमेंट मे अपनी राय दीजिए पोस्ट को शेयर कीजिए और जुड़े रहिए हमारे साथ क्योंकि ये है आपकी अपनी वेबसाइट।

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