भारत के रहस्यमयी मंदिर - Top 5 - Bhartiyaweb

भारत के रहस्यमयी मंदिर – Top 5

भारत धर्म भक्ति और साधना का देश है। यहाँ प्राचीन काल से पूजा स्थल के रूप में मंदिर विशेष महत्व रखते है। यहाँ कई मंदिर ऐसे है जहाँ चमत्कार भी होते हैं।कुछ लोगों के लिए यह आस्था का प्रतीक है तो अन्य लोगो के लिए वह आश्चर्य का विषय है, आइये जानते है भारत के रहस्यमयी मंदिर के बारे में जिनके रहस्य कोई नही जान पाया है।

1.कामाख्या मन्दिर – पूर्वोत्तर भारत के राज्य आसाम के गुहाटी के पास सिथत कामाख्या मंदिर देश के 52 शक्ति पीठो में से सबसे प्रसिद्ध है, लेकिन इस अति प्राचीन मदिर में देवी सती और माँ दुर्गा की एक भी मूर्ति नही है पोराणिक मान्यताओं के आधार पर इस जगह पर देवी सती की योनि गिरी थी जो समय के साथ महान शक्ति साधना का केंद्र बनी। मानते हैं की यहाँ हर किसी की मनो कामना पूर्ण होती है, इस कारण से इस मन्दिर को कामाख्या कहा जाता है| यह मंदिर तीन हिस्सों में बना है, इसका पहला हिस्सा सबसे बड़ा है, जहा पर हर सक्स को जाने नही दिया जाता, दुसरे हिस्से में माता के दर्शन होते है, जहाँ एक पत्थर से महीने में एक बार पानी निकलता है, कहते है इस पत्र से खून की धारा भी निकलती है ऐसा क्यों और केसे होता है यह आज तक किसी को नही पता चला|

2.करनी माता मन्दिर – इस मंदिर को चूहों वाली माता का मंदिर भी कहा जाता है जो राजिस्थान के बीकानेर से 30 किलोमीटर दूर देश मोख शहर में सिथत है, इस मंदिर में करनी देवी माता का स्थान है जहाँ मन्दिर में चूहों का साम्राजय स्थापित है इन चूहों में अधिकांस चूहे काले है लेकिन कुछ सफ़ेद भी है जो काफी दुर्लभ है मान्यता है की जिसे सफ़ेद चुहा दिखता है उसकी मनोकामना ज़रूर पूरी होती है, आश्चर्य यह है की यह चूहे बिना किसी को नुकसान पहुँचाए मंदिर परिसर में दोड़ते भगते रहते है व लोगो के शरीर पर कूद फान्द करते है लेकिन किसी को नुकसान नही पहुँचाते है, यहाँ यह इतनी संख्या में है लोग पाव उठाकर नही चल सकते है, उन्हें पाव घसीट घसीट कर चलना पड़ता है, लेकिन मंदिर के बाहर यह कभी नजर नही आते है| मंदिर के बारे में एक और आश्चर्य की बात यह है की इतने चूहे और उनकी गंदगी के बावजूद वहाँ का प्रसाद खा कर कोई बीमार नही पड़ा|

3.महंदीपुर बाला जी मंदिर – राजस्थान के नोसा जिले में सिथत महन्दीपुर का बाला जी धाम भगवान हनुमान के मुख्य सिद्ध पीठो में गिना जाता है। मान्यता है की इस स्थान पर हनुमान जी जाग्रत अवस्ता में विराजते है यहाँ देखा गया है की जिन व्यक्तियों के उपर भूत प्रेत और बुरी आत्माओ का वास होता है वो यहाँ आते ह़ी चीखने चिल्लाने लगते है, और अगर कोई प्रेत आत्मा जादा जिद्दी होती है तो उन व्यक्तियों को जंजीर से बांध कर उल्टा लटका दिया जाता है, लेकिन फिर भी लटकी हुइ महिलाओ के कपडे निचे नही सरकते है। यहाँ की मान्यता के अनुसार यदि आप को इस मन्दिर में आने के बाद कोई पीछे से आवाज देता है तो पलट कर नही देखना चहिये क्योंकि इस मन्दिर में पीछे से आने वाली आवाज भूत प्रेत और आत्माओ की होती है जो आपको हर पल घेरने की कोशिश में लगी रहती है ऐसा कैसे होता है यह कोई नही जानता है, लेकिन लोग सदियों से बुरी आत्माओ से मुक्ति के लिए यहाँ आते है।

4.काल भैरव मन्दिर – मध्य प्रदेश के शहर उज्जैन से 8 किलोमीटर की दुरी पर सिथत है, जहाँ भगवान काल भैरव का एक प्राचीन मन्दिर है। परम्परा के अनुसार श्रद्धालू उन्हें प्रसाद के रूप में केवल शराब ह़ी चढ़ते है, आश्चर्य की बात यह है की जब शराब का प्याला काल भैरव की प्रतिमा के मुख से लगाया जाता है तो वो एक पल में खली हो जाता है, यह बात सुनने में तो तर्क संगत नही लगती है, लेकिन इस घटना को हाजारो लोगो ने देखा भी है, इस मंदिर के बाहर साल के 12 महीने और 24 घंटे शराब मिल जाती है, इस मन्दिर में होने वाली इस रहस्यमयी घटना की गुत्थी आज तक कोई नही सुलझा पाया है।

5.कन्याकुमारी देवी मन्दिर – कन्याकुमारी पॉइंट को इंडिया का सबसे निचला हिस्सा माना जाता है यहाँ समुद्री तट पर ह़ी कुमारी देवी का मन्दिर है, यहाँ माँ पार्वती के कन्या रूप को पूजा जाता है यह देश में एक मात्र ऐसी जगह है जहा मन्दिर में प्रवेश करने के लिए पुरुषों को कमर के ऊपर के कपड़े उतारने होते है, एक पौराणिक मान्यता के अनुसार इस स्थान पर कुमारी देवी का विवाह होने वाला था लेकिन किन्ही कारणों से यह विवाह सम्पन्न नही हो पाया और विवाह कार्यक्रमों के लिए लाए गए दाल और चवलो को यही पर फेक दिया गया और यह कंकर पत्थर में तब्दील हो गए यहाँ के समुद्री तटो पर आज भी दाल और चावल के ककर और पत्थर पाए जाते है ।

आशा है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी, जै माता दी।

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