निधिवन का रहस्य - जहाँ आज भी आते हैं कृष्ण - Bhartiyaweb

निधिवन का रहस्य – जहाँ आज भी आते हैं कृष्ण

दोस्तों भारत देश रहस्यों से भरा हुआ है, यहाँ ऐसे ऐसे रहस्य हैं जो कोई नही सुलझा पाया है। आज हम आपको बताने वाले हैं वृंदावन के निधिवन का रहस्य, इस मंदिर के बारे मे कहा जाता है की शाम होते ही स्वयं कृष्ण यहाँ रास करने आते हैं।

निधिवन का रहस्य

निधिवन का रहस्य

मथुरा से 12 किलोमीटर दूर वृंदावन के बीचो बीच निधिवान स्थित है। ये कृष्ण की भूमि है और यहाँ की हर चीज़ रहस्य से भरी हुई है। माना जाता है की शाम होते ही कृष्णा यहाँ आते हैं और गोपियों के साथ रास करते हैं। निधिवान के पेड़ भी अजीब हैं, वो सामान्य आकार से छोटे हैं और उनकी जड़ें भी ज़मीन से बाहर दिखाई देती हैं। लोगों का मानना है की ये पेड़ असल मे कृष्ण की गोपियाँ हैं जो शाम होते ही गोपियाँ बनकर कृष्ण के साथ रास करती हैं और सुबह होते ही वापस पेड़ बन जाती हैं। निधिवान का एक रहस्य यह भी है की वहाँ तुलसी के पौधे से कोई भी तुलसी नही ले जा सकता, जिसने भी ऐसा करने की कोशिश की है उसे दुष्परिणाम भुगतने पड़े हैं।

दोस्तों निधिवन के अंदर एक छोटा सा मंदिर है जिसे रंग महल कहते हैं। यही वो मंदिर है जो कृष्ण की मौजूदगी का सबूत देता है। मंदिर के अंदर चंदन की लकड़ी से बना बिस्तर लगाया जाता है उसमे लड्‍डू, पान, दातून आदि रखा जाता है और शाम के सात बजते ही मंदिर को बाहर से ताला लगा दिया जाता है। पुजारी समेत सभी लोग 7 बजे मंदिर के बाहर चले जाते हैं, ऐसा माना जाता है की जानवर और पक्षी भी 7 बजे से पहले मंदिर छोड़ देते हैं। फिर सुबह जब मंदिर खोला जाता है तब चंदन के उस बिस्तर पर सिलवटें दिखाई देती हैं, लड्‍डू खाए हुए मिलते हैं, पान खाया हुआ और दातून किया हुआ मिलता है। दोस्तों इस मंदिर के बारे मे कई लोगों ने रिसर्च की है लेकिन कोई आज तक यह बात का पता नही लगा पाया की आख़िर ऐसा होता कैसे है।

कुछ लोगों ने 7 बजे के बाद मंदिर मे चोरी से घुसकर कृष्ण को साक्षात देखने की कोशिश की है, लेकिन जिसने भी ऐसा किया वो किसी को कुछ नही बता पाया। क्योंकि किसी की आँखें खराब हो गई और वो गंज हो गये, कई लोग पागल हो गये। वृंदावन मे आए हुए डॉक्टर के बारे मे भी एसी ही एक कहानी है, उसने रात को मंदिर के अंदर घुसकर कृष्ण को देखने की कोशिश की थी सुबह उसका शव निधिवन मे मिला था।सिर्फ़ इतना ही नही यहाँ मंदिर के आस पास के लोग बताते हैं की रात होते ही वहाँ से घुँगरू की आवाज़ें आती हैं जैसे कोई नाच रहा हो, कुछ लोगों ने बाँसुरी की आवाज़ सुनी है। वहाँ के लोगों ने मंदिर की तरफ खुलने वाली खिड़कियों को बंद करवा दिया है। दोस्तों ऐसा माना जाता है की भगवान के साक्षात दर्शन करने के लिए मान एकदम पवित्र और हृदय कोमल होना चाहिए वरना दर्शन सफल नही होते, शायद यही वजह है आज तक कोई कृष्ण के दर्शन नही कर पाया।

दोस्तों क्या आप कभी वृंदावन गये हैं? अपनी राय कॉमेंट मे ज़रूर लिखिए और अगर आपको वहाँ से जुड़ी कोई भी जानकारी हो तो कॉमेंट मे ज़रूर लिखिए। हमारे साथ जुड़े रहिए क्योंकि ये है आपकी अपनी वेबसाइट।

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