कोहिनूर हीरा - जानिए कोहिनूर की पूरी कहानी - Bhartiyaweb

कोहिनूर हीरा – जानिए कोहिनूर की पूरी कहानी

कोहिनूर हीरा जिसकी वजह से कई खूनी संघर्ष हुए कई लड़ाइयाँ लड़ी गयी, जो दुनिया का सबसे बेशक़ीमती हीरा माना जाता रहा है आज हम उसी के बारे मे पूरी जाँच पड़ताल करेंगे।

कोहिनूर हीरा

कोहिनूर हीरा – जानिए कोहिनूर की पूरी कहानी

दक्षिण भारत के आन्ध्र प्रदेश मे स्थित गोलकुंडा मे तीस से ज़्यादा दुनिया के सबसे बेशक़ीमती हीरे मिल चुके हैं, कोहिनूर भी उन्ही मे से एक है। कोहिनूर कब मिला ये तो कोई नही जानता लेकिन इसका पहला ज़िक्र सन 1304 मे मिलता है, उस समय यह मालवा के राजा की संपत्ति मे शामिल था। कोहिनूर 785 कैरेट का था और इसे पाने के लिए कई खूनी संघर्ष हुए थे। उस वक़्त गोलकुंडा राज्य का सेनापति मीर जुमला था, उसने कोहिनूर को अपनी हिफ़ाज़त मे रखा था और उसे यह अंदेशा हुआ की कई दुश्मन कोहिनूर को पाने के लिए षडयंत्र बना चुके हैं।

मीर जुमला गोलकुंडा से भाग गया और शाह जहाँ के पास पहुँचा, उसने यह हीरा शाह जहाँ को दे दिया और उन्होने इसे खुशी खुशी कबूल किया। शाह जहाँ के बाद यह हीरा उनके पुत्र औरनग्जेब के पास चला गया, औरंगजेब को कोहिनूर से बहुत लगाव था जब कोई शाही मेहमान राज्य मे आता था वो उसे यह हीरा ज़रूर दिखता था। लेकिन अब इस हीरे का वजन सिर्फ़ 279 कैरेट रह गया था क्योंकि इससे पहले शाह जहाँ ने यह हीरा इटली के नवसिखिए कारीगर से कटवाया था। कोहिनूऱ मुघल खानदान के पास सन 1739 तक रहा था। औरंगजेब को कोहिनूर मिलते ही उसने शाह जहाँ को कारागार मे डलवा दिया था। इसके बाद ईरान के नादिर शाह ने दिल्ली पर आक्रमण करके उसे लूट लिया। इस हीरे का नाम कोहिनूर नादिर शाह ने ही रखा था, पारसी मे कोहिनूर का मतलब होता है रोशनी का पहाड़।

बाद मे नादिर शाह इसे ईरान ले गया, सन 1949 मे अफ़ग़ान के बादशाह अहमद शाह ने ईरान पर हमला किया और कोहिनूर को अपने कब्ज़े मे ले लिया। 1773 मे अहमद शाह की मृत्यु के बाद यह हीरा उसके पुत्र शाह सुजा के पास गया, वो अफ़ग़ानिस्तान का राजा बना लेकिन उसके सगे भाई ने उसके साथ छल किया और शाह सुजा अपना जीवन बचाने के लिए वहाँ से भाग गया। शाह सुजा शेरे पंजाब महाराजा रंजीत सिंह के पास पहुँचा और हीरा उन्हे दे दिया। रंजीत सिंह के बाद यह हीरा उनके पुत्र दिलीप सिंह के पास पहुँचा , तबतक अंग्रेज भारत मे अपने पाँव जमा चुके थे। कोहिनूर हीरा ब्रिटेन की रानी के पास चला गया, महारानी विक्टोरिया कोहिनूर को और चमकदार बनवाना चाहती थी और ऐसा ही हुआ, कोहिनूर हीरा अब सिर्फ़ 105.6 कैरेट का रह गया। कोहिनूर आज लंडन मे मौजूद है और दुनिया के सबसे बड़े आकर वाले हीरों मे से एक है।

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